आसमां ये तुमहे उडकर लांघ जाना है
ये असमंजस का केसा ताना बाना है
करके दिखा दो जो तुमने ठाना हें
अब तुम्हे हर हद से गुजर जाना है
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X