आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

गुज़रती उम्र पर शायरों के अल्फ़ाज़

Umra shayari
                
                                                         
                            

उस ने भूले से क्या नज़र डाली
उम्र सारी ख़राब कर डाली
- अज्ञात


तमाम उम्र सितारे तलाश करता फिरा
पलट के देखा तो महताब मेरे सामने था
- सलीम कौसर

मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है
उम्र का बेहतरीन हिस्सा है
- जोश मलीहाबादी


गो कठिन है तय करना उम्र का सफ़र तन्हा
लौट कर न देखूँगा चल पड़ा अगर तन्हा
- अनवर शऊर

आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर