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'उम्र' पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़

Umra shayari collection
                
                                                         
                            

उस ने भूले से क्या नज़र डाली
उम्र सारी ख़राब कर डाली
- अज्ञात


मैं उम्र को तो मुझे उम्र खींचती है उलट
तज़ाद सम्त का है अस्प और सवार के बीच
- एजाज़ गुल

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6 वर्ष पहले

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