हिंदी फिल्मों के गीतों में प्रेम, धोखा, छल, दोस्ती, जज्बात, मेहनत सहित अन्य बिंदुओं को गहराई के साथ दर्शाया गया है। बॉलीवुड में हास्य गीतों की भी एक लंबी कड़ी है। इस स्लाइड में हमने हंसी और मजाक से भरे मसखरे गीतों को ही पिरोया है। हमने गीतों की लोकप्रियता के आधार पर पांच सर्वाधिक लोकप्रिय मसखरे गीतों को एक क्रम में रखा है। सबसे ऊपर पड़ोसन फिल्म का चर्चित गीत एक चतुर नार करके सिंगार को माना गया है। इस गीत में पड़ोसी युवकों को गीत संगीत में हराने के लिए नायिका सायरा बानू संगीत शिक्षक के रूप में मेहमूद को लाती हैं। मेहमूद और सुनील दत्त-किशोर कुमार के साथियों के बीच कड़ी टक्कर होती है। इसी आधार पर गीत की रचना की गई है। संगीत राहुल देव बर्मन ने दिया है। गीत को राजेंद्र कृष्ण ने लिखा है। मन्ना डे, किशोर कुमार और मेहमूद ने इसमें मिलकर आवाज दी है।
एक चतुर नार कर के सिंगार
मेरे मन के द्वार ये घुसत जात
हम मरत जात, अरे हे हे हे
यक चतुर नार कर के सिंगार...
प रे स, स स स नि ध स
स रे स ध ध प
प ध स रे स
स रे ग ध प
यक चतुर नर कर के सिंगा... र
कि: ummm धम
मह: अय्यो !
कि: अरे धम, ओ धम, ओ धम धम धम रुक
umm ब्रु - 2
ओ अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अ:
उम नाम नाम नाम नाम नाम नाम
नाम नाम लम लम लम लम ल
उम बल बल बल बल रे,
बल बल बल बल रे, बल बल बल बल रे
ओम
एक चतुर नार बड़ी होशियार - 2
अपने ही जाल में फसत जात
हम हसत जात अरे हो हो हो हो हो !
एक चतुर नार बड़ी होशियर
सु: तू क्यों...
मह: छी रे
करे लाख लाख दुनिया चतुराई
छुट्टी कर दूंगा मैं उसकी
अबके जो आवाज़ लगाई
छुट्टी कर दूंगा, आ आ आ...
ता जुम, तक जुम, तक नुम, यक जुम
तक तन्किदिअ...
कि: पढ़ के बोतन चीर बि चक्कर - 2 (?)
हर बुद खुदि-बुदि खुद कर - 2
छिटके तो रेरे मोन माखन - 2
सब चले गये, सब चले गये चिदमुध चितिन्ग चितुबुद
चितुबुद गाय, चितुबुद गाय, चितुबुद हाय हाय हाय
जा रे, जा रे कारे कागा
का का का क्यों शोर मचाये
उस नारी का दास ना बन जो
राह चलत को राह बुलाए
काला रे जा रे जा रे
अरे नाले में जाके तू मुंह धोके आ
ख़ाला रे ग रे ग रे
मह: ये गड़बड़ जी
कि: ओ गा रे गा रे
मह: ये सुर बदला
कि: ओ गा रे गा रे
मह: ये हमको मटका बोला
कि : ओ गा रे गा रे
मह: ये सुर किधर है जी, ये सुर...; ये..., एन्नाया इधु
येक चतुर नार...
अम छोड़ेगा नहीं जी
येक चतुर नार...
अम पकड़के रखेगा जी
ये घुसत जात
हम मरत जात अरे आ आ आ
तू क्या जाने क्या है नारी
जिस तन लागे मोरे नैना
उसपे सारी दुनिया वारी
मह: नाच ना जाने, आंगन तेढ़ा
टेएएढ़ा, टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा - 4
नाच ना जाने, आंगन टेढ़ा
टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा - 4
उस संग लागे मोरे नैना
अबके जो आवाज़ लगाई
कि: ओ टेढ़े!
मह: ओय
कि: ओ केड़े!
मह: ओ या
कि: अरे सीधे हो जा रे
सीधे हो जा रे
सीधे हो जा
वाह री चंदनिया, वाह रे चकोरे
राम बनाई ये कैसी जोड़ी
करे नचाया ता ता थैय्या
ताल पे नाचे लंगड़ी घोड़ी
अरे देखी
अरे देखी तेरी चतुराई
मह: ये फिर गड़बड़
कि: अरे देखी तेरी चतुराई
मह: फिर भटकाया
कि: तुझे सुरों की समझ नहीं आई
तूने कोरी घास ही खाई
अरे घोड़े!
मह: ये घोड़ा बोला
कि: ओ निगोड़े!
मह: ये गाली दिया
कि: अरे देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार...
कि: घोड़े देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार...
कि: घोड़े देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार...
कि: एक चतुर नार...
कि: एक चतुर नार...
मह: अय्यो घोड़े तेरी...
कि: अरे घोड़े तेरी...
मह: क्या रे ये घोड़ा-चतुर, घोड़ा-चतुर बोला,
येक पे रहना या घोड़ा बोलो या चतुर बोलो... गाओ
कि: एक चतुर नार बड़ी होशियार
अपने ही जाल में फसत जात
एक चतुर नार!
बड़ी होशियारी!
ये घुसत जात
मह: हम मरत जात, मरत जात
ये अटक गया !!!
कि: स रे ग म प, हे आ आ..., हे ... ... !!!!
पांच रुपैया बारह आना...
यह गीत 1958 में प्रदर्शित फिल्म 'चलती का नाम गाड़ी' से है। इसमें किशोर कुमार ने गजब का अभिनय किया है। सचिन देव बर्मन ने इस गीत में संगीत दिया है। किशोर कुमार और आशा भोसले ने इसमें अपनी आवाजें दी है। मजरूह सुल्तानपुरी गीतकार हैं। किशोर कुमार इसमें अपनी रकम नायिका मधुबाला से मांगते हैं। जिसे गीत में बड़े मसखरे अंदाज से पेश किया गया है।
मैं सितारों का तराना, मैं बहारों का फ़साना
लेके इक अंगड़ाई मुझ पे, डाल नज़र बन जा दीवाना
रूप का तुम हो खज़ाना, तुम हो मेरी जां ये माना
लेकिन पहले दे दो मेरा, पांच रुपैया बारा आना
पांच रुपैया, बारा आना-आआ ...
मारेगा भैया, ना ना ना ना-आआ ...
माल ज़र, भूलकर, दिल जिगर हमसे निशानी मांगो ना
दिलरुबा, क्या कहा, दिल जिगर क्या है जवानी माँगो ना
तेरे लिये मजनू बन सकता हूं
लैला लैला कर सकता हूं
चाहे नमूना देख लो -- हाय
खून-ए-दिल पीने को और लक़्त-ए-जिगर खाने को
ये गिज़ा मिलती है लैला - 2
तेरे दीवाने को - 2
ओ हो हो जोश-ए-उल्फ़त का ज़माना, लागे है कैसा सुहाना
लेके इक अंगड़ाई मुझ पे, डाल नज़र बन जा दीवाना
मानता हूं है सुहाना, जोश-ए-उल्फ़त का ज़माना
लेकिन पहले दे दो मेरा, पांच रुपैया बारा आना
ग़म भुला, साज उठा, राग मेरे रूप के तू गाये जा
ऐ दिलरुबा, होय दिलरुबा, हां इसी अंदाज़ से फ़रमाये जा
गीत सुना सकता हूं दादरा
गिनकर पूरे बारा मातरा
चाहे नमूना देख लो -- हाय
धीरे से जाना बगियन में, धीरे से जाना बगियन में
रे भँवरा, धीरे से जाना बगियन में
होय लल्ला ढींग लल्ला - 2
ओ हो हो तू कला का है दीवाना कम है क्या तुझको बहाना
लेके इक अंगड़ाई मुझ पे, डाल नज़र बन जा दीवाना
हां ये अच्छा है बहाना मैं कला का हूं दीवाना
लेकिन पहले दे दो मेरा, पांच रुपैय्या बारा आना
बेखबर, प्यार कर, धन की दुनिया क्या है ढलती छाया है
हाय हाय हाय दिलरुबा, सच कहा साँच तेरा प्यार बाकी माया है
तेरे लिये जोगी बन सकता हूं
जंगल जंगल फिर सकता हूं
चाहे नमूना देख लो -- हाय
बममुकच ए बिन बममुकच ए बिन बममुकच ए बिन बममुकच
(तेरी गठरी में लागा चोर मुसाफ़िर
जाग ज़रा तू जाग ज़रा ) - 2
ओ हो हो मैं हूं तेरी जान-ए-जाना आ मुझी से लव लगाना
लेके इक अंगड़ाई मुझ पे, डाल नज़र बन जा दीवाना
जै गुरू मैने ये माना तू है मेरि जान-ए-जाना
लेकिन पहले दे दो मेरा - यक दुइ तीन चार पांच
पांच रुपैया बारा आना ...
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पांच रुपैया बारह आना...
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