देश प्रेम और देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जज़्बा हर नागरिक में होता है। हिंदी सिनेमा ने भी इस मोहब्बत और जज़्बे को बख़ूबी अभिव्यक्त किया है। आज भी देशभक्ति के कई ऐसे गीत हैं जो लोकप्रिय हैं। बदलते वक़्त के साथ इनकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा ही हुआ है। ये बेशक़ीमती गीत हर नागरिक को वतन के प्रति अपनी मोहब्बत का इज़हार करने के लिए अल्फ़ाज़ देते हैं। आज़ादी स्पेशल में पेश है 10 लोकप्रिय देशभक्ति गीत...।
1965 को रिलीज़ हुई फ़िल्म 'शहीद' वतन पर क़ुर्बान होने वाले आज़ादी के परवानों की ज़िंदगी के मक़सद को बयां करती है। भगत सिंह को केंद्र में रखकर बनाई गई इस फ़िल्म में इस्तेमाल हुआ गीत 'मेरा रंग दे बसंती चोला' आज भी लोगों की ज़ुबान पर है। गीतकार प्रेम धवन और राम प्रसाद ने इसे क़लमबंद किया है। बेहद कर्णप्रिय इस गीत को संगीकार प्रेम धवन ने अपने संगीत से सजाया है। निर्देश एस राम शर्मा की इस मशहूर फ़िल्म को हिंदी में फ़ीचर फ़िल्म के लिए नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड से नवाज़ा गया था।
यूट्यूब पर मौजूद इस गीत को यहां सुनें -
ये देश है वीर जवानों का....
'ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का' यह गाना 1957 में रिलीज़ हुई 'नया दौर' फ़िल्म का है। इस गाने को लिखा है साहिर लुधियानवी ने और गाया है मोहम्मद रफ़ी और बलबीर ने। दिलीप कुमार और अजीत पर फ़िल्माए गए इस गाने में संगीत दिया है ओ पी नैयर ने।
मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती...
यह गाना 1967 में आई फ़िल्म उपकार का है। मनोज कुमार ने यह फ़िल्म पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे 'जय जवान जय किसान' के नारे को केंद्र में रखकर बनाई थी। इस गीत को क़लमबंद किया है जाने-माने गीतकार इन्दीवर ने। महेन्द्र कपूर ने अपनी दिलकश आवाज़ से इस गीत को अमर कर दिया। गीत को संगीत से सजाया है मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने। मनोज कुमार को जिन चुनिंदा फ़िल्मों की वजह से भारत कुमार कहा जाता था, उनमें उपकार भी थी। मनोज कुमार ने इस फ़िल्म को ख़ुद लिखा, अभिनय किया और डायरेक्ट भी किया। इस गीत को बहुत ही खूबसूरती से फ़िल्माया गया है।
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों....
1964 में आई हक़ीकत फ़िल्म को लोगों ने काफ़ी पसंद किया था। इसका देशभक्ति से लबरेज़ गीत 'कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों' आज भी लोकप्रिय है। इसके बोल लिखे थे मशहूर गीतकार कैफ़ी आज़मी ने और गाया था मोहम्मद रफ़ी ने। धर्मेंद्र, बलराज साहनी, संजय खान सहित अन्य कलाकारों पर फ़िल्माए गए इस गीत को मदन मोहन ने अपने दिलकश संगीत से सजाया था ।
ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी...
'ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी' जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़र्बानी' यह मशहूर देशभक्ति गीत कवि प्रदीप ने लिखा था। इस गीत को संगीत से सजाया था सी.रामचंद्रा ने। वहीं, लता मंगेशकर ने अपनी दिलकश आवाज़ा से इस गीत को लाफ़ानी बना दिया है। इस गीत में 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान मारे गए सैनिकों को याद किया गया है। लता मंगेशकर ने इस गीत को पहली बार 27 जनवरी 1963 को नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में गया था। उस दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
'दिल दिया है जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए'
सुभाष घई की 1986 में आई फ़िल्म 'कर्मा' सुपर हिट रही। इसके गाने भी लोगों ने ख़ूब पसंद किए थे। इस फ़िल्म का गीत 'दिल दिया है जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए' आज भी लोगों की ज़ुबान पर है। यह गीत लिखा था मशहूर गीतकार आनंद बक्शी ने। इस गीत को मोहम्मद अज़ीज़ और कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी दिलकश आवाज़ में लाफ़ानी बना दिया है। रूह को छूने वाले इस गीत को संगीत से सजाया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने।
'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की'
1954 में आई डायरेक्टर सत्यन बोस की फ़िल्म 'जागृति' में कई बेहतरीन गीत है। 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की' यह गीत बच्चों को स्वतंत्रता का मूल्य समझता है। इस गीत को लिखा और गाया है प्रदीप ने। इस गीत में दिलकश संगीत दिया है हेमंत कुमार ने। आज़ादी के 7 साल बाद बच्चों को केंद्र में रखकर बनाई गई यह फ़िल्म बच्चों को सकारात्मक भविष्य की दिशा दिखाने की कोशिश करती है।
है प्रीत जहां की रीत सदा...
मनोज कुमार अभिनीत 'पूरब और पश्चिम' फ़िल्म का 'है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं' आज भी मक़बूल है। इसे लिखा था गीतकार इन्दीवर ने और गाया महेंद्र कपूर ने। वहीं, इस ख़ूबसूरत गीत को संगीत से सजाया है संगीत निर्देशक कल्याणजी-आनंदजी ने।
'मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन'
'मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन' यह गीत अजय देवगन अभिनीत 1996 की मशहूर फ़िल्म दिलजले का है। इस बेहतरीन गीत को क़लमबंद किया है गीतकार जावेद अख़्तर ने और संगीत दिया है अनु मलिक ने।
मां तुझे सलाम....
'यहां वहां सारा जहां देख लिया है, अब तक भी तेरे जैसा कोई नहीं' यह बोल हैं संगीतकार ए आर रहमान के मशहूर देशभक्ति गीत 'मां तुझे सलाम' के। इस गीत को उन्होंने संगीत से सजाया है और अपनी रुहानी में गाया भी है।
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