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'सादगी' पर शायरों के अल्फ़ाज़

saadgi shayari collection
                
                                                         
                            

ख़ूब आराइशें भी हैं लेकिन
सादगी सादगी है क्या कहिए
- ताज अहमद ताज


अजब ख़ुलूस अजब सादगी से करता है
दरख़्त नेकी बड़ी ख़ामुशी से करता है
- अतुल अजनबी

वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
- हसरत मोहानी


बनावट हो तो ऐसी हो कि जिस से सादगी टपके
ज़ियादा हो तो असली हुस्न छुप जाता है ज़ेवर से
- सफ़ी लखनवी

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6 वर्ष पहले

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