देश में आम चुनावों का दौर चल रहा है और अगले 5 साल तक के लिए देश का मुस्तक़बिल तय होगा। कल आख़िरी चरण का मतदान होगा और एक-एक वोट बहुत क़ीमती है। क्यूंकि इसी से आपकी सरकार तय होगी और भविष्य भी। इसी बात को 'काव्य' के पाठकों ने कविता के माध्यम से यूं कहा है।
करो मतदान, बनो महान,
राष्ट्र की सेवा में, राष्ट्र हित में क़दम बढ़ाओ,
लोकतंत्र की ताक़त की करो पहचान,
करो मतदान, बनो महान।
सेना तो रोज़ करती है सेवा देश की,
आप भी राष्ट्रसेवक बन जाओ,
धूप गर्मी का भय छोड़कर
अपना अपना मतदान कर आओ।
पाँच वर्षों में आता है ये पावन पर्व,
करो अपने संविधान पे गर्व,
जो ये शक्ति हमको देती है,
एक एक वोट को सहेजकरॉ
देश को सशक्त नेतृत्व देती है।
निकलों घरों से करो मतदान,
ना करो लोकतंत्र का अपमान,
सौ फ़ीसदी वोट करो,
अपने हक़ के लिए लड़ो, उठो,
चलो और मतदान करो।
- सुरेन्द्र कुमार गुप्ता
संविधान से शक्ति लेकर
आओ अमृतपान करें
चलो सभी मतदान करें
महाशक्ति हो देश हमारा
उसी के हित में वोट करें
अपनी ऊँगली की ताकत से
देशद्रोह पर चोट करें
छोटे-मोटे स्वार्थ साधने
निष्ठा हटा नहीं सकते
भरतभूमि के संविधान की
गरिमा घटा नहीं सकते
लहराए निज ध्वजा गगन में
ऐसा अनुसंधान करें
चलो सभी मतदान करें
- नवीन जोशी ‘नवल’
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राष्ट्रहित में मतदान करें
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