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हिंदी दिवस विशेष: भाषा की जमीन पर शब्दों के बीज सदा से रोपे गए हैं

हिंदी दिवस विशेष: भाषा की जमीन पर शब्दों के बीज सदा से रोपे गए हैं
                
                                                         
                            हिंदी के विख्यात कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने लिखा है -
                                                                 
                            

जिस तरह हम बोलते हैं
उस तरह तू लिख
और उसके बाद भी
हमसे बड़ा तू दिख।

यहाँ कवि का जोर इस बात पर है कि बोलना और लिखना इन दोनों में समानता होनी चाहिए लेकिन लिखने के बाद उसी लिखे के आधार पर जो कुछ दिखे वह उससे भी बड़ा हो। यह बोलना और लिखना ही भाषा है और दिखना है भाषा की ताकत और वह भाषा जो अपनी होती है उसकी ताकत भी उतनी ही बड़ी होती है।
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5 वर्ष पहले

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