आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Kavya Charcha ›   famous Indian poet, writer, critic janki Ballabh Shastri
आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री

काव्य चर्चा

कवि जानकी वल्लभ शास्त्री ने पद्मश्री सम्मान ठुकरा दिया था

काव्य डेस्क-अमर उजाला, नई दिल्ली

933 Views
किसने बांसुरी बजाई

जनम-जनम की पहचानी वह तान कहां से आई !
किसने बांसुरी बजाई

अंग-अंग फूले कदंब सांस झकोरे झूले
सूखी आंखों में यमुना की लोल लहर लहराई !
किसने बांसुरी बजाई

जटिल कर्म-पथ पर थर-थर कांप लगे रुकने पग
कूक सुना सोए-सोए हिय मे हूक जगाई !
किसने बांसुरी बजाई

मसक-मसक रहता मर्मस्‍थल मरमर करते प्राण
कैसे इतनी कठिन रागिनी कोमल सुर में गाई !
किसने बांसुरी बजाई

उतर गगन से एक बार फिर पी कर विष का प्‍याला
निर्मोही मोहन से रूठी मीरा मृदु मुस्‍काई !
किसने बांसुरी बजाई


जानकी वल्लभ शास्त्री का पहला गीत 'किसने बांसुरी बजाई' बहुत लोकप्रिय हुआ। 5 फरवरी 1916 में गया (बिहार) के मैगरा ग्राम में जन्मे छायावाद काल के सुविख्यात कवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री उन कवियों में से हैं जिन्हें कविता प्रेमियों ने काफ़ी सराहा। शुरुआत में उन्होंने संस्कृत में कविताएं लिखीं। फिर महाकवि निराला की प्रेरणा से हिंदी में आए। आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री कहा करते थे कि उनकी और निराला की प्रसिद्ध कविता 'जुही की कली' का जन्म एक ही वर्ष हुआ, यानी 1916 में। निराला ही उनके प्रेरणास्रोत रहे हैं। वह छायावाद का युग था। छंदों पर उनकी पकड़ जबरदस्त थी और अर्थ इतने सहज ढंग से उनकी कविता में आता थे कि इस दृष्टि से पूरी सदी में केवल वे ही निराला की ऊंचाई को छू पाए।

उत्तर प्रदेश सरकार के भारत भारती पुरस्कार से सम्मानित वल्लभ शास्त्री ने मुजफ्फरपुर शहर को अपना स्थायी निवास बनाया। काशी से संस्कृत की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर के गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज में प्राध्यापक के पद पर स्थायी नियुक्ति मिल गई थी। इसके बाद वह रामदयालु सिंह कॉलेज में संस्कृत के साथ हिंदी के भी प्राध्यापक बनाए गए। जब उन्हें उस शहर के रेड लाइट एरिया चतुर्भुज में ज़मीन का एक टुकड़ा दिया गया, तो उन्होंने ज़माने की छींटाकशी का डर छोड़कर वहां अपना मकान बनाया।
आगे पढ़ें

पृथ्वीराज मुंबई से शास्त्रीजी से मिलने आए थे

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!