आज का शब्द- आद्या और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’की कविता: तेरा आँचल

आज का शब्द- आद्या और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’की कविता: तेरा आँचल
                
                                                             
                            अपने विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम मातृभाषा है। इसी के जरिये हम अपनी बात को सहजता और सुगमता से दूसरों तक पहुंचा पाते हैं। हिंदी की लोकप्रियता और पाठकों से उसके दिली रिश्तों को देखते हुए उसके प्रचार-प्रसार के लिए अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’ अभियान की शुरुआत की है। इस कड़ी में साहित्यकारों के लेखकीय अवदानों को अमर उजाला और अमर उजाला काव्य हिंदी हैं हम श्रृंखला के तहत पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। हिंदी हैं हम शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है -आद्या, जिसका अर्थ है- 1. (पुराण) दस महाविद्याओं में से एक 2. पार्वती; दुर्गा; महाकाली; आदिशक्ति; ब्रह्मशक्ति 3. मास की प्रथम तिथि; प्रतिपदा।
                                                                     
                            

1-
विषम पल
जीवन की छाया- सा
तेरा आँचल।

2-
क्रूर है काल
सीधे ग्रहों ने चली
कपट- चाल।

3-
तुम हो आद्या !
तुझे जब सताया
बोलो क्या पाया ! आगे पढ़ें

1 year ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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