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Sawan 2024: दिनेश कुमार शुक्ल की कविता- सावन में

कविता
                
                                                         
                            ऐसा क्या कुछ हुआ कि तुमने आनन फानन में 
                                                                 
                            
इंद्रधनुष भर डाले सारे नभ के आँगन में 

जीवन जल की झील लबालब नभ के आँगन में 
झूम रहा है नंदन कानन नभ के आँगन में 

उमड़ घुमड़ फिर आए बादल नभ के आँगन में 
श्याम बने घन-श्याम बिचरते नभ के आँगन में 

राधा की पाज़ेब चमकती नभ के आँगन में 
गूँज उठी बादल की मादल नभ के आँगन में 

मन का हंस हुलसता उड़ता नभ के आँगन में 
ले फुहार की झीनी चादर नभ के आँगन में  आगे पढ़ें

2 वर्ष पहले

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