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Hindi Poetry: नागार्जुन की कविता- बातें

कविता
                
                                                         
                            बातें–
                                                                 
                            
हँसी में धुली हुईं
सौजन्य चंदन में बसी हुई

बातें–
चितवन में घुली हुईं
व्यंग्य-बंधन में कसी हुईं

बातें–
उसाँस में झुलसीं
रोष की आँच में तली हुईं

बातें–
चुहल में हुलसीं
नेह–साँचे में ढली हुईं

बातें–
विष की फुहार–सी
बातें–
अमृत की धार–सी

बातें–
मौत की काली डोर–सी
बातें–
जीवन की दूधिया हिलोर–सी आगे पढ़ें

एक वर्ष पहले

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