समय का पहिया चले रे साथी
समय का पहिया चले!
फ़ौलादी घोड़ों की गति से आग बर्फ़ में जले रे साथी!
समय का पहिया चले!
रात और दिन पल-पल छिन-छिन आगे बढ़ता जाए!
तोड़ पुराना नए सिरे से सब-कुछ गढ़ता जाए,
पर्वत-पर्वत धारा फूटे लोहा मोम-सा गले रे साथी!
समय का पहिया चले!
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