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आज का शब्द: बचाव और गगन गिल की कविता- वह अपनी देह में लौट जाएगी

आज का शब्द
                
                                                         
                            

'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- बचाव, जिसका अर्थ है- बचने या बचाने की क्रिया या भाव, रक्षा। प्रस्तुत है गगन गिल की कविता- वह अपनी देह में लौट जाएगी

वह उसे पाप की तरह चाहेगी
वह उसे पुण्य की तरह चाहेगी

किसी अनजान जगह के
अनजान कमरे में

वह करेगी उससे प्रेम अपने ख़याल में
कि जैसे नींद में चलते-चलते
चली गई हो वहाँ

बेवजह, बिना बुलाए,
कि जैसे सदियों में बैठी हो वह
अपने भीतर उस जगह
जहाँ रहते हैं दुस्स्वप्न

इच्छाओं के पागल होने के इंतज़ार में
वह उसे चाहेगी
उस सपने की तरह
जिसे देखा हो उसने
हमेशा सिर्फ़ खुली आँखों से
कि जैसे वह कंधा हो

किसी बाँझ रोने के लिए
जैसे चाहना कोई शाप हो,
न रुकने वाला विलाप हो

या आत्मप्रलाप—
वह उसे चाहेगी
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3 वर्ष पहले

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