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कुंवर नारायण की कविता -हे राम, जीवन एक कटु यथार्थ है

राम मंदिर पर कुंवर नारायण की कविता -अयोध्या विवाद
                
                                                         
                            हे राम,
                                                                 
                            
जीवन एक कटु यथार्थ है
और तुम एक महाकाव्य !
         तुम्हारे बस की नहीं
         उस अविवेक पर विजय
         जिसके दस बीस नहीं
         अब लाखों सर - लाखों हाथ हैं,
         और विभीषण भी अब
         न जाने किसके साथ है।

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हमारा दुर्भाग्य

6 वर्ष पहले

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