आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Hasya ›   Om Prakash Aditya hasya kavita
Om Prakash Aditya hasya kavita

हास्य

ओम प्रकाश आदित्य: दाल-रोटी दी तो दाल-रोटी खा के सो गया मैं...

काव्य डेस्क / अमर उजाला, नई दिल्ली

772 Views
दाल-रोटी दी तो दाल-रोटी खा के सो गया मैं
आंसू दिये तूने आंसू पिए जा रहा हूं मैं

दुख दिए तूने मैंने कभी न शिकायत की
जब सुख दिए सुख लिए जा रहा हूं मैं

पतित हूं मैं तो तू भी तो पतित पावन है
जो तू करा ता है वही किए जा रहा हूं मैं

मृत्यु का बुलावा जब भेजेगा तो आ जाउंगा
तूने कहा जिए जा तो जिए जा रहा हूं मैं

- ओम प्रकाश आदित्य

साभार- कविता कोश 
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!