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जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल ऐसा इकतारा है: कुमार विश्वास

kumar vishwas
                
                                                         
                            जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल ऐसा इकतारा है
                                                                 
                            
जो हमको भी प्यारा है और, जो तुमको भी प्यारा है
झूम रही है सारी दुनिया, जबकि हमारे गीतों पर
तब कहती हो प्यार हुआ है,क्या अहसान तुम्हारा है

जो धरती से अम्बर जोड़े ,उसका नाम मोहब्बत है
जो शीशे से पत्थर तोड़े ,उसका नाम मोहब्बत है
कतरा कतरा सागर तक तो ,जाती है हर उम्र मगर
बहता दरिया वापस मोड़े, उसका नाम मोहब्बत है...

डूबने की कशमकश में हैं...

पनाहों में जो आया हो, तो उस पर वार क्या करना?
जो दिल हारा हुआ हो, उस पे फिर अधिकार क्या करना?
मुहब्बत का मज़ा तो डूबने की कशमकश में हैं,
जो हो मालूम गहराई, तो दरिया पार क्या करना?

बस्ती बस्ती घोर उदासी पर्वत पर्वत खालीपन,
मन हीरा बेमोल बिक गया घिस घिस रीता तनचंदन,
इस धरती से उस अम्बर तक दो ही चीज़ गज़ब की है
एक तो तेरा भोलापन है एक मेरा दीवानापन...
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डूबने की कशमकश में हैं...

8 वर्ष पहले

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