थांरी आंगळी
घणौ
अबखौ व्है
सारी उमर
बचपण सूं
बुढ़ापै तक
थांरी आंगळी
पकड़्यां चालणौ
कई बार
मारग पांतर्यौ
डांडी पकड़ी
रिंधरोही में भटक्यौ
छेवट
हुयौ
पगां ऊभौ
थांरौ परस
थांरौ परस
नाडी रै पाणी में
फैंकिया कांकरो
गै रै में बंधियोड़ी
लैहरां रौ खुलणौ
थांरौ परस
सूरज री
पैली किरण सूं
डूंगर माथै
बेरफ रौ मुळकणौ
थांरौ परस
मेह में भींजती
पैलीपोत री
माटी री सौंधी-सौंधी
सौरभ रौ मैहकणौ
थारौ पतियारौ
थारौ पतियारौ
पत्तै सूं रळकतै
ओस री बूंदां रौ
गुलाब माथै ठैरणो।
थारौ पतियारौ
हथळेवा री मैंदी
रंग-रस रौ
हथेळियां माथै राचणौ।
थारौ पतियारौ
छूवता पाण
छुई-मुई रै पौधा रौ
खुदौ-खुद में सिमटणौ।
थारौ पतियारौ
भोमियाजी रै थान
खिली धूप री साख में
अेकी रौ आखौ अंवारणौ।
थारौ पतियारौ
धजा रा लीरा नै
टोकार सूं बचण सारू
कलाई माथै बांधणौ।
तिड़कण लागौ गांव
जद सूं
राजनीति री भणाई
भणण लागौ है गांव
तद सूं
रूंख-रूंखड़ौ
खेज-खेजड़ौ
रेत-रेतौ
मोर-मोरियौ
काग-कागलौ
दोगळी भासा में
भुसण लागौ है गांव।
जद सूं
राजनीति री अटकळां
अटकावण लागौ है गांव
तद सूं
तीन-पांच
नऊ-दो
तूं-तां
फां-फूं
धां-धूं
थूं-थूं
थूक-फजीती में
अटकण लागौ है गांव।।
जद सूं
राजनीति री कुटळायां
काढ़ण लागौ है गांव
तद सूं
ठर्रौ-सराब
केसर-गुलाब
देसी-परदेसी
डोडा-अमल
भांग-चरस
बीड़ी-सिगरेट
अंधारै री कुडालियां में
कुटीजण लागौ है गांव।
जद सूं
राजनीति री ताकड़ियां
तुलण लागौ है गांव
तद सूं
कुम्हार-लुहार
माळी-हाळी
जाट-भाट
जाटव-यादव
एस.सी.-एस.टी.
ओ.बी.सी.-अल्पसंख्यक
जात-पात री आंच में
तिड़कण लागौ है गांव।
अबै तौ
राजनीति रा थोर रोप्यां
उरभाणौ ऊभौ है गांव
अर
अमूझै
घुटीजै
कळपै
धोब-धोबा
लोही रा आंसू
रोवै है गांव।
सुपनां
सुपनां
टाबरां रा रमतिया
साब रै झाग रा ढब्बू
बायेरै में बणै
बायरै में इज फूटै
जदकै उणां में व्है
सांतू रंग
इन्द्रधनुस रा
(साभार- कविता कोश)
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