आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

वात्सल्य रस में डूबे ऐसे गीत, जो मां-पिता की करते हैं भावुक व्याख्या 

राजा और रंक
                
                                                         
                            हिंदी फिल्मों में बहुत सारे रिश्तों के बीच प्यार के कई रूप हैं। इनमें मां-बेटे और पिता-बेटे के बीच वात्सल्य भाव का फिल्मांकन भी बड़ी खूबसूरती से, संजीदगी से किया गया है। कई गीत ऐसे हैं जो मां-बेटे के अनमोल रिश्तों को बड़ी खूबसूरत से पेश करते हैं। बाप-बेटे के बीच के प्रेम को भी कुछ गीतों में बेहद मोहक ढंग से दर्शाया गया है। इस खंड में हम आपको ऐसे गीतों से ही रुबरु करेंगे। 
                                                                 
                            

ऐसी गीतों की सीरिज में सबसे पहले पसंद किया जाता है फिल्म 'राजा और रंक' का गीत 'तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है प्यारी-प्यारी है ओ मां'...इस गीत के सारे बोलों में दर्शाया गया है कि मां दुनिया की सबसे अनमोल दौलत होती है। बताया गया है कि मां आखिर क्या होती है? इस गीत की भावुकता का अंदाजा वो ही लगा सकते हैं, जिनको मां का प्यार नहीं मिला हो या जिनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। मां का विरहन शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद इस गीत में एक सफल कोशिश की गई है। गीत में लता मंगेशकर की कर्णप्रिय आवाज है। इसके बोल आनंद बक्षी ने लिखे हैं। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने इसे संगीत से सजाया है। अभिनेत्री निरुपा राय हिंदी फिल्म जगत में मां के रोल में सबसे अधिक चर्चित रही हैं। विशेष बात यह है कि इस गीत में भी मां निरुपा राय ही हैं। यह फिल्म 1968 में आई थी।


  आगे पढ़ें

चंदा है तू मेरा सूरज है तू, तू मेरी आंखों का तारा है तू 

8 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर