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डॉ रविंद्रनाथ वांचू के कविता संग्रह ‘समय की पुकार’ का लोकार्पण

सोशल मीडिया
                
                                                         
                            डॉ रविंद्रनाथ वांचू की कविताओं ने जीवन के अर्थ को प्रकट किया है। साहित्य जनसामान्य के पास जाना चाहिए जिसका यह प्रयास है। उपरोक्त विचार डॉ उपेंद्र दर उपकुलपति वैष्णव विद्यापीठ ने रोटरी क्लब उज्जैन द्वारा आयोजित डॉ रविंद्र नाथ वांचू के कविता संग्रह ‘समय की पुकार’ के लोकार्पण समारोह में व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यिक पत्रिका वीणा के प्रधान संपादक राकेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कृति की पहली कविता में आत्म जागृत हो रहा है, आह से निकली होगी पहली कविता। सृजना है कविताएं। सृजक जागता है तभी तो वह सृजन करता है।
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                
                                             
                                                
                                                                
                                        
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3 वर्ष पहले

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