आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हिमांशु बाजपाई को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार

Sahitya Akademi Yuva Award for Himanshu Bajpai
                
                                                         
                            अपनी दिलकश आवाज़ से देश भर में क़िस्सागोई को एक एक नवीन आयाम देने वाले एवं लखनवीअंदाज़ को विश्व जगत में रोशन करने वाले हिमांशु बाजपेयी को उनकी चर्चित पुस्तक  'क़िस्सा क़िस्सा लखनउआ :  लखनऊ के आवामी क़िस्से' के लिए वर्ष 2021 के लिए हिंदी का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। 
                                                                 
                            

हिमांशु पेशे से पत्रकार रहे हैं। उन्होंने तमाम मीडिया घरानों के साथ काम किया है। उन्होंने अपना दास्तानगोई प्रशिक्षण 2013 में अपने मित्र स्वर्गीय अंकित चड्ढा जो एक प्रसिद्ध दास्तानगो और कथाकार थे के बाद शुरू किया। पुराने लखनऊ के रहने वाले हिमांशु नई शैली के साथ पुरानी घटनाओं के कहानीकार हैं। उन्होंने पुराने लखनऊ के राजा बाजार इलाके में एक स्कूल में पढ़ने और पढ़ने में रुचि विकसित की। राजा बाजार एक ऐसा क्षेत्र है जहां लोग उर्दू बोलते हैं। उर्दू के साथ खास संबंध और उस क्षेत्र के होने के कारण उन्होंने यह भाषा-बोली सीखी थी। 
4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर