आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

कवि और राजनयिक अभय के. को सरोजिनी नायडू कविता पुरस्कार

हलचल
                
                                                         
                            कवि और राजनयिक अभय के. को बनारस लिट फेस्ट बुक अवॉर्ड्स के दूसरे संस्करण में सरोजिनी नायडू कविता पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। इसकी घोषणा बुधवार को दिल्ली एनसीआर स्थित हाय-टेक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित एक कर्टेन-रेज़र और आउटरीच कार्यक्रम के दौरान आयोजकों द्वारा की गई। आयोजकों के अनुसार, ये पुरस्कार ऐसे लेखन को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं जो परंपरा में निहित होने के साथ-साथ समकालीन यथार्थ से सार्थक संवाद स्थापित करता हो।
                                                                 
                            

अभय के. को यह कविता सम्मान हनुमान चालीसा के उनके लयात्मक अंग्रेज़ी अनुवाद के लिए प्रदान किया गया, जिसे ब्लूम्सबरी इंडिया ने प्रकाशित किया है। पाँच प्रमुख समकालीन भारतीय कवियों की जूरी द्वारा चयनित इस अनुवाद की सराहना इसलिए की गई क्योंकि इसमें तुलसीदास की 15वीं शताब्दी की अवधी रचना की लय, तुक और ऊर्जा को सफलतापूर्वक संरक्षित किया गया है। जूरी के अनुसार, यह कृति प्राचीन भक्तिकालीन साहित्य को साहस, धैर्य और निःस्वार्थ सेवा जैसे आधुनिक मूल्यों से जोड़ती है, जिससे यह युवा और वैश्विक पाठकों के लिए भी सुलभ बनती है।

इसी अवसर पर प्रसिद्ध लेखिका और प्रकाशक नमिता गोखले को भारतीय साहित्य और प्रकाशन के क्षेत्र में उनके सतत योगदान के लिए भारतेन्दु हरिश्चंद्र आजीवन उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अंग्रेज़ी भाषा की श्रेणियों में, शिनी एंटनी को 'Eden Abandoned: The Story of Lilith' के लिए रस्किन बॉन्ड कथा पुरस्कार, जबकि पेगी मोहन को Father Tongue, Motherland: The Birth of Language in South Asia के लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन गैर-कथा पुरस्कार प्रदान किया गया। रवींद्रनाथ ठाकुर अनुवाद पुरस्कार बंगला से अनूदित पुस्तक Limited / Unlimited के लिए अरुणव सिन्हा को दिया गया।

हिंदी भाषा की श्रेणियों में ममता कालिया को प्रेमचंद कथा पुरस्कार, उदयन वाजपेयी को कबीर कविता पुरस्कार, जे. सुशील को राहुल सांकृत्यायन गैर-कथा पुरस्कार, तथा राजगोपाल सिंह वर्मा को महादेवी वर्मा अनुवाद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, हिंदी अनुवाद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महादेव टोप्पो और पराग पावन को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
8 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर