27 फरवरी रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम मन की बात का प्रसारण किया गया जिसमें उन्होंने मातृभाषा के गौरव को लेकर चर्चा की। इसी में उन्होंने मराठी भाषा गौरव दिवस का स्मरण कर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कवि विष्णु शिरवडकर 'कुसुमाग्रज' को यह दिन समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कवि को उनकी जन्म-जयंती पर याद करते हुए बताया कि कुसुमाग्रज ने मराठी में कविताएं लिखीं, अनेकों नाटक लिखे और मराठी साहित्य को नई ऊंचाई दी।
27 फरवरी 1912 को नासिक में पैदा हुए विष्णु वामन शिरवडकर ने कुसुमाग्रज के नाम से अनेक मराठी कविताएं, नाटक, उपन्यास व कहानियां लिखीं जिसमें स्वतंत्रता के स्वर थे और सामाजिक न्याय की बातें थीं। उनके कविता-संग्रह विशाखा ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को साहस देने में भूमिका निभाई। 1974 में कुसुमाग्रज को नटसम्राट के लिए साहित्य अकादमी से, 1987 में ज्ञानपीठ से और 1991 में पद्मभूषण से और सम्मानित किया गया।
कुसुमाग्रज कहते थे "कि बचपन से ही मुझे लोगों के हित में काम करना और आंदोलन में भाग लेना अच्छा लगता था। मुझे याद नहीं आता कि बचपन में मैंने लिखने के बारे में कभी गंभीरता से सोचा हो। बीस साल की उम्र में नासिक के कलारम मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए हुए सत्याग्रह में मैंने भाग लिया था। जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, तभी मेरी कविताएं पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने लगी थीं।
रोजगार के लिए मैंने फिल्मों की पटकथाएं लिखीं, अभिनय किया और पत्रकारिता भी की। अलबत्ता मेरे कविता संग्रह विशाखा के प्रकाशन के साथ ही, जिसे सामने लाने में विष्णु सखाराम खांडेकर का बड़ा योगदान था, मैं एक कवि के रूप में समादृत होने लगा था। मुझे इसका संतोष है कि एक कवि के रूप में सामाजिक बदलावों को अपनी रचनाओं में सामने लाने में मैं सफल हुआ। कविताओं के बाद जिस साहित्यिक विधा ने मुझे आकर्षित किया, वह है नाटक। नाटकों की खासियत यह है कि इनमें आप दोटूक वह कह सकते हैं, जो आप कहना चाहते हैं। इसकी किसी तरह की आड़ नहीं होती।
इसके अलावा मराठी साहित्य में नाटकों का वैसे भी बहुत महत्व रहा है। मैंने ऑस्कर वाइल्ड, मॉलेयर, शेक्सपीयर आदि के नाटकों के अनुवाद किए। बाद में खुद मेरी नाट्य रचना, नटसम्राट आई, जिसे मराठी भाषियों ने हाथोंहाथ लिया। मेरा यह मानना है कि साहित्य में अपने समय और समाज की पदचाप होनी चाहिए। सिर्फ खुद को अभिव्यक्त कर देना ही साहित्य नहीं है।"
4 वर्ष पहले
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