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Literature Nobel Prize 2023: जॉन के नाटकों और कहानियों में मजलूमों की आवाज़ें हैं

हलचल
                
                                                         
                            2023 साहित्य का नोबल इस बार नोर्वे के जॉन फ़ॉसे को मिला है। 64 वर्षीय जाॅन मेलनकॉली, सेप्टोलोजी और वेकफुलनेस जैसी कृतियों के लिए प्रसिद्ध हैं। जॉन फ़ॉसे को नाटक व गद्य में नएपन के लिए यह सम्मान मिला है, उनके लिखे में अनकहे की आवाज़ सुनाई देती है। नोबेल कमेटी ने माना है कि जॉन फोसे के नाटकों और कहानियों ने उन लोगों को आवाज़ दी है जो अपनी बातें कहने में सक्षम नहीं थे। इनकी मशहूर किताबों में पतझड़ का सपना शामिल है।
                                                                 
                            

29 सितम्बर 1959 को नॉर्वे में जन्मे फ़ॉसे लेखक व नाटककार हैं। बचपन की एक दुर्घटना में वे मरते-मरते बचे थे लेकिन इसका प्रभाव आजीवन उनके लेखन में झलका। रेड-ब्लैक नाम से पहला उपन्यास लिखा जो 1983 में छपा। पहला नाटक 1994 में छपा और मंचन हुआ। फ़ॉसे ने उपन्यास, कहानी, कविता, नाटक व निबंध लिखे हैं। उनके द्वारा लिखे नाटकों में प्रमुख हैं- समवन इज गोइंग टू कम होम, दि नेम, दि चाइल्ड। 

डेली टेलीग्राफ़ ने उन्हें 100 ज़िंदा बुद्धिजीवियों में रखा है। 2011 से फ़ॉसे को कला व संस्कृति में योगदान के लिए नॉर्वे सरकार की ओर से ग्रोटेन मिला हुआ है। वे 2011 में ही वे नॉर्वे सरकार के बाइबिल के साहित्यिक सलाहकार बने और उसी वर्ष उसका नॉर्वे भाषा में अनुवाद भी छपा।
जॉन का बहुत सा काम फारसी में अनूदित हो चुका है जिसे ईरान और तेहरान में प्रदर्शित भी किया जा चुका है। जॉन ने स्वयं भी दूसरे लेखकों का अनुवाद किया है। जॉन एक कवि भी हैं। नोबेल सम्मान मिलने पर बयान देते हुए कहा कि "मैं अभिभूत हूं, और कुछ हद तक डरा हुआ हूं। मैं इसे साहित्य के लिए एक पुरस्कार के रूप में देखता हूं जिसका सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य बिना किसी अन्य विचार के साहित्य होना है।"

जॉन फॉसे नोबेल प्राइज विजेताओं की उस सूची का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें टोनी मॉरिसन से लेकर अर्नेस्ट हेमिंग्वे और जीन-पॉल सार्त्र शामिल हैं। 

स्वीडिश आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल द्वारा छोड़ी गई वसीयत के तहत नोबेल पुरस्कारों में 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (10 लाख डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। साल 2023 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा सोमवार से ही शुरू हुई। इसी कड़ी में मंगलवार को फिजिक्स के क्षेत्र में, बुधवार को केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) और गुरुवार को लिटरेचर (साहित्य) के क्षेत्र में इन अवॉर्ड्स की घोषणा की गई। आने वाले दिनों में नोबेल शांति पुरस्कार और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में पुरस्कारों का ऐलान भी होगा। 
2 वर्ष पहले

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