आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

दिग्गज कवियों की उपस्थिति से गूंज उठी काव्य कैफ़े की महफ़िल 

दिग्गज कवियों की उपस्थिति से गूंज उठी काव्य कैफ़े की महफ़िल
                
                                                         
                            जो सीने पर गोली खाने को आगे बढ़ जाते थे
                                                                 
                            
भारत माता की जय कहकर फाँसी पर चढ़ जाते थे
जिन बेटों ने धरती माता पर कुर्बानी दे डाली
आजादी के हवन-कुंड के लिये जवानी दे डाली

दूर गगन के तारे उनके नाम दिखाई देते हैं
उनके स्मारक भी चारों धाम दिखाई देते हैं
वे देवों की लोकसभा के अंग बने बैठे होंगे
वे सतरंगे इंद्रधनुष के रंग बने बैठे होंगे
उन बेटों की याद भुलाने की नादानी करते हो
इंद्रधनुष के रंग चुराने की नादानी करते हो 
 
काव्य कैफ़े में जब डाॅ. हरिओम पंवार ने शहीदों को याद करते हुए यह पंक्तियां पढ़ी तो सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गये। माहौल बन गया। पंक्तियां उन्होंने आज़ादी के लिए शहीद होने वाले जवानों को समर्पित की। 

जी हां, मौका था 'मां तुझे सलाम' कार्यक्रम का, डिजिटल मंच ठीक सात बजे सज चुका था,  हास्य-व्यंग्य के पुरोधा व वाचिक परंपरा के अग्रणी कवि अशोक चक्रधर, वीर रस और ओज के सशक्त हस्ताक्षर डाॅ हरिओम पंवार,  राष्ट्रीय चेतना के महत्वपूर्ण कवि डाॅ. राहुल अवस्थी, राहुल शर्मा और युवा गीतकार प्रवीण कुमार पाण्डेय 'प्रज्ञार्थू' जैसे मेहमान कवियों की आमद हो चुकी थी। 

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला की ओर से देश के शहीदों को समर्पित कार्यक्रम 'मां तुझे प्रणाम' के तहत 'ज़रा याद करो कुर्बानी' कार्यक्रम के माध्यम से अमर उजाला काव्य कैफ़े ऑनलाइन कवि सम्मेलन में देश के दिग्गज कवियों की उपस्थिति से महफ़िल गूंज उठी। 
आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर