एम.बी.पी.जी. कॉलेज, हल्द्वानी में आज डॉ. डी. पी. सेमवाल द्वारा लिखित पुस्तक “Ratios in the Republic: Voter Choice Patterns in the World’s Largest Democracy” के विमोचन एवं परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अजय भट्ट, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान सांसद, रहे। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश में अपर मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त चंचल कुमार तिवारी, आईएएस (सेवानिवृत्त) ने पुस्तक के मुख्य परिचर्चाकार के रूप में अपने विचार रखे।
हल्द्वानी शहर के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से सहभागिता की और पुस्तक तथा उसके विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। पुस्तक के लेखक डॉ. डी. पी. सेमवाल, भारतीय राजस्व सेवा (IRS) से सेवानिवृत्त अधिकारी, ने पुस्तक की मूल अवधारणा, उसके लेखन की पृष्ठभूमि तथा भारतीय चुनावों में दिखाई देने वाले दीर्घकालीन पैटर्न के संबंध में अपने विचार साझा किए।
एम.बी.पी.जी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बंकोटी ने अतिथियों का स्वागत किया और इस अवसर पर अपने विचार रखे। मंच संचालन नीरज जोशी ने किया। आयोजन में आनंद सिंह मनराल, दीवान सिंह डोगरा, मिहिर सेमवाल, डॉ. नेहा (असिस्टेंट प्रोफेसर) तथा श्री दीपक ठाकुर सहित अनेक लोगों की सक्रिय सहभागिता रही।
Ratios in the Republic भारत में 1951–52 से 2024 तक हुए सभी 18 लोकसभा आम चुनावों के मतदान एवं चुनावी परिणामों में दिखाई देने वाले पैटर्न का एक विशिष्ट अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक एक रोचक प्रश्न से आरम्भ होती है—जब किसी एक मतदाता का निर्णय निजी और अक्सर अप्रत्याशित होता है, तो करोड़ों मतदाताओं के व्यक्तिगत निर्णय मिलकर बार-बार दिखाई देने वाले सामूहिक चुनावी पैटर्न क्यों उत्पन्न करते हैं?
8 घंटे पहले
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