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Kavya Cafe : अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सजेगी कविताओं की शाम

amar ujala
                
                                                         
                            आगामी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस को देखते हुए अमर उजाला 'काव्य कैफे' द्वारा 4 मार्च को साम 5 बजे  आयोजित कवि सम्पूमेलन पूर्णतया महिलाओं को समर्पित होगा। इस कार्यक्रम में केवल कवयित्रियाँ ही भाग ले रही हैं।  कार्यक्रम में शामिल होने वाली कवयित्रियों की रचनायें भी महिला विषयों पर ही आधारित होंगी। जो कवयित्रियाँ कार्यक्रम का हिस्सा होंगी वे हैं- 
                                                                 
                            

मुस्कान तिवारी
मुस्कान तिवारी दिल्ली से हैं। इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक किया है। इनकी रचनाएं महिलाओं की सामाजिक स्थितियों पर आधारित होती हैं। इनकी कविताओं के कुछ अंश हैं-

 ये सभ्यता देती है
 प्रेम की नियमावली
जात,धर्म,बिरादरी,रंग
ऊंच-नीच और हां
बैंक-खाता देखकर
करते हैं प्रेम,
 नहीं पढ़ी नियमावली तो
यहां प्रेम विवाह से ज़्यादा
आम है हत्याएं, बलात्कार,
यातनाएं और बहिष्कार । 

बचपन से ये सुना कि 
एक औरत के पीछे होते रहे हैं युद्ध;
मैं बस तलाशने लगी वो औरत
जिसके पीछे छिपकर
युद्ध करते थे लोग
और इस तलाश में मिलती रही
तोहमतें,लानतें और कुछ बदचलन किस्से
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3 वर्ष पहले

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