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Kavya Cafe: प्रेम में जो गए प्रेम में खो गए.... काव्य कैफे की महफिल में झूमा गलगोटिया विश्वविद्यालय का सभागार

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मैंने देखा है समर भयंकर 
मन ही मन से लड़ता है 

कार्तिक अग्रवाल की इन पंक्तियों पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। ये अवसर ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया विश्वविद्यालय में हुए काव्य कैफ़े का था। बुधवार दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक चले इस कार्यक्रम में छात्रों का उत्साह देखने वाला था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों को भेंट देकर किया गया। इसके बाद संचालक प्रदीप तिवारी ने मंच को संभालते हुए कविता पाठ के लिए प्रतिभागी छात्रों को आमंत्रित किया। इसी बीच अतिथि कवि सूर्या ने अपनी प्रेम में पगी कुछ रचनाएं प्रस्तुत कीं। जब उन्होंने तरन्नुम में पढ़ा कि 

जब भी देखा नज़र तो आया है 
तुमने आखों में घर बनाया है

इसके बाद उन्होंने जीवन के यथार्थ को बयां किया कि 

जिंदगी में अटल जैसा कुछ भी नहीं 
सब बदलता है और सब बदल जाएगा 

तो वाह-वाह के सुर भी बहने लगे। इस बीच मुगाफी के सदस्यों ने भी अपने उपक्रम के बारे में छात्रों को जानकारी दी कि वे किस तरह सिनेमा के लिए कहानी लिख सकते हैं और रजिस्टर कर सकते हैं। इसमें मुगाफी ने अपने ऐप वेद के बारे में भी बताया जिस पर जाकर नए लिखने वालों को एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए लेखन में सहायता मिलेगी। ये जानकारी मुगाफी के सदस्य सुशांत कौशिक ने दी। उनके संबोधन के बाद छात्रों की कविताओं का सिलसिला चलने लगा कि कवयित्री मोहिनी राय को मंच पर आमंत्रित किया गया। मोहिनी ने अपनी आवाज से समा बांध दिया। जब उन्होंने गाना शुरु किया 

प्रेम में जो गए प्रेम में खो गए 
नाम दो ना रहे एक वो हो गए

तो छात्र झूम उठे, तालियां गूंजने लगीं। मोहिनी की प्रस्तुति के बाद संचालक प्रदीप तिवारी बीच-बीच में शेर पढ़कर छात्रों को बुलाते रहे। अंत में उन्होंने भी प्रस्तुति दी। प्रदीप के कई शेर वहां मौजूद छात्रों को याद थे। जब उन्होंने पढ़ा कि 

तेरा मुझसे था क्या रिश्ता कहां संसार जानेगा
कहेगा दिल मेरा कुछ भी तेरा कुछ और ठानेगा 
मना लेता खुदा को मैं तेरी खातिर मगर मुझसे 
सनम जब तुम नहीं मानी खुदा क्या खाक मानेगा

तो मुकर्रर-मुकर्रर आवाज आने लगी। पूरे कार्यक्रम में लगभग 20 प्रतिभागी रहे जिनमें से पांच को निर्णायक अनुराग अनंत द्वारा चुना गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी विजेताओं और अतिथियों को अमर उजाला की ओर से भेंट दी गई। विजेताओं में कार्तिक अग्रवाल, मनीष कुमार मंडल, अगस्त्य आकाश, सिम्मी सोनी और संगम मित्तल शामिल थे। साथ ही वहां बैठे श्रोताओं के लिए एक लकी ड्रॉ निकाला गया जिसमें तीन लोगों को चुनकर इनाम दिया गया। गलगोटिया विश्वविद्यालय में हुआ ये कार्यक्रम वहां के मीडिया विभाग के साथ साझा रूप से किया गया। कार्यक्रम में डीन डॉ. आज्ञाराम पांडेय, प्राचार्य भवानी और अनुराग अनंत भी शामिल रहे। 

2 वर्ष पहले

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