बैंक ऑफ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान 2023 के पहले वर्ष के विजेता उर्दू में लिखित उपन्यास ‘अल्लाह मियां का कारखाना’ के लेखक मोहसिन खान और पुस्तक के हिंदी अनुवादक सईद अहमद घोषित किए गए। विजेता लेखक और अनुवादक की घोषणा राजधानी में आयोजित सम्मान समारोह में की गई।
इसके साथ ही अन्य पांच उपन्यास- ‘अभिप्रेत काल’, ‘चीनी कोठी’, ‘घर पालनो छेले’, ‘नदीष्ट’ और ‘नेमत खाना’ इस वर्ष की प्रक्रिया में उपविजेता रहे।
मोहसिन खान को 21 लाख व सईद अहमद को 15 लाख रूपए की सम्मान राशि व प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया जबकि अन्य पांच उपविजेता लेखकों, संबंधित हिंदी अनुवादकों को तीन लाख और दो-दो लाख रूपए की सम्मान राशि प्रदान की गई।
पुरस्कार निर्णायक समिति की अध्यक्षता लेखक, अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि श्री ने की। भारतीय कवि अरुण कमल, पुष्पेश पंत, उपान्यासकार सुश्री अनामिका, लेखक-अनुवादक प्रभात रंजन सहित पांच सदस्यों ने छह नामांकित पुस्तकों में से विजेता का चयन किया।
बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक संजीव चड्ढा ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा बैंक ऑफ बड़ौदा की विरासत महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ से मिली है, जिन्हें एक सुधारक के साथ-साथ साहित्य और कला का पारखी माना जाता है। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाशाली लेखकों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए यह सम्मान स्थापित किया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में कई भाषा, बोली हैं और यह विविधता, विरासत को समृद्ध करती है हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। कार्यपालक निदेशक अजय के. खुराना ने बताया कि 41 किताबों में छह को सम्मान के लिए चुना गया है। डीजीएम संजय सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सम्मान समारोह सूफी गायकों और वडाली ब्रदर्स की संगीत प्रस्तुति के साथ संपन्न हुआ।
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