भारत का बड़ा व्यवसाय असंगठित क्षेत्रों से होता है। ज्यादातर लोगों को रोजगार भी यहीं से मिलता है। छोटे छोटे व्यवसायियों और उत्पादकों का ये बड़ा तंत्र स्टार्टअप्स के लिए संभावनाओं के दरवाजे खोलता है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रवीण तिवारी की किताब ‘इनोवेट इंडिया एंड स्टार्टअप एरा’ जिसे हिंदी में स्टार्टअप गुरु के नाम से प्रकाशित किया जा रहा है, में इस संभावना को विस्तार से लिखा गया है।
हाल में डॉ. तिवारी को स्टार्टअप्स और इनोवेशन पर उनके लेखन और कार्यक्रमों के लिए नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2019 से सम्मानित किया गया है। उनकी किताब से असंगठित क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के लिए असीमित संभावनाओं लाया है। प्रस्तुत हैं इस किताब के अंश। यहां डॉ. तिवारी किस तरह स्टार्टअप्स असंगठित क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला कर उसे बेहतर कर सकते हैं पर प्रकाश डाल रहे हैं।
डॉ. प्रवीण तिवारी की किताब स्टार्ट अप गुरु के अंश।
स्टार्टअप्स असंगठित क्षेत्र में ये मुख्य सुधार ला रहे हैं-
हर काम को सम्मान दिलवाना (dignity of labour)
डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से की काम की रेटिंग और गुणवत्ता का आंकलन करना
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ कर पेमेंट को आसान और पारदर्शी बनाना
पूरी प्रक्रिया और सेवाओं का मानकीकरण करने की कोशिश करना
उत्पादकता और कौशल का विकास
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