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'अंदाज़-ए-बयाँ उर्फ़ रवि कथा' हिंदी प्रेमियों को अवश्य पढ़ना चाहिए: भवतोष पाण्डेय 

पुस्तक समीक्षा -अंदाज़-ए-बयाँ उर्फ़  रवि कथा
                
                                                         
                            ' समय -जनवरी का अंतिम सप्ताह , 2016 , दिल्ली की कड़ाके की ठंड 
                                                                 
                            

स्थान - संघ लोक सेवा आयोग , नई दिल्ली

अवसर - इंडियन फारेस्ट सर्विस का साक्षात्कार 

साक्षात्कार की भाषा : केवल अंग्रेजी 

बोर्ड - श्री मनबीर सिंह (पूर्व राजदूत , संयुक्त सोवियत ,मास्को )

आल इंडिया सर्विसेज के इंटरव्यू के नाम पर तनाव आना स्वाभाविक था , लेकिन मैं अपने आपको एक बहादुर की तरह दिखाना चाह रहा था | करीब पांच सदस्यीय बोर्ड ने प्रश्नों की बमबारी जारी रखी जिसे मैं अपनी सीमित गति और मति से सामना करता रहा |

श्री मनबीर सिंह ने तमाम तकनीकी (मैं पेशे से केमिकल  इंजिनीयर हूँ ) सवालों के बाद पूछा कि आपने अपने बॉयोडाटा में हिंदी साहित्य पढ़ना लिखा है , आपके पसंदीदा लेखक कौन हैं और क्यों ? 

अभ्यर्थी -  श्री प्रेमचंद , श्री मोहन राकेश और श्री रविन्द्र कालिया 

(मैं अभी अपना उत्तर पूरा ही करता कि चेयरमैन श्री मनबीर साहब ने तपाक से बोला )

श्री मनबीर सिंह - दैट 'ग़ालिब छुटी शराब' फेम | '

मैं ख़ुश हुआ कि अब साक्षात्कार आराम से बीत जाएगा। क्योंकि मैंने भी एक लय में यह रचना दो बार पढ़ी थी। पहली बार जब मैंने इसे रेलवे स्टेशन से ख़रीदा तब और दूसरी बार उसी साल जब मेरे हीरो लेखक हम सबसे विदा हुए। सच पूछिए तो मैंने कालिया साहब की तब तक एक ही क़िताब पढ़ी थी और लेकिन अपने सभी दोस्तों को यह संस्मरण पढ़ाया। 

        लेखिका ने सही ही लिखा है कि किसी लेखक की जब कोई एक रचना लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच जाती है तो बाकी रचनाओं के साथ अन्याय हो ही जाता है। यह न सिर्फ़ कालिया साहब के साथ हुआ बल्कि श्री लाल शुक्ल (राग दरबारी) के साथ भी।

            कल जब यह संस्मरण (अंदाज़ ए बयां उर्फ रवि कथा ) डाक द्वारा अमेज़ॉन से मिली तो मात्र दो बैठक में सफाचट हो गयी। वही लय जो ग़ालिब छुटी शराब में थी। कालिया साहब को थोड़ा सा और जानने को मिला। यह जानकारी और खूबसूरत लगी जब यह उन्हीं की सुगनी (सुग्गा का स्त्रीलिंग भोजपुरी में प्रचलित) द्वारा कही गयी।  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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