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आज का विचार: अमृतलाल नागर

amritlal nagar quote in hindi jad chetan maya vish amrit maya andhka prakash maya
                
                                                         
                            जड़-चेतनमय, विष अमृतमय, अंधकार-प्रकाशमय जीवन में न्याय के लिए कर्म करना ही गति है। मुझे जीना ही होगा, कर्म करना ही होगा। यह बंधन ही मेरी मुक्ति भी है। इस अंधकार में ही प्रकाश पाने के लिए मुझे भी जीना है।
                                                                 
                            
- अमृतलाल नागर  
2 महीने पहले

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