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सउदी अरब पर हूती हमले से बढ़ी चिंता, अमेरिका ने नागरिकों के लिए जारी किया अलर्ट!

Mon, 21 Sep 2026 09:53 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

सऊदी अरब पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक और बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा कर दिया है। रियाद समेत कई अहम शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए सऊदी अरब में यात्रा संबंधी पाबंदियां बढ़ा दी हैं। अमेरिकी मिशन ने ताइफ और यनबू की यात्रा के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य कर दी है। खास बात यह है कि यह नियम आधिकारिक यात्रा के साथ निजी यात्रा पर भी लागू होगा। अमेरिका ने अपने नागरिकों से भी बेहद सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है।

दरअसल, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला तेज कर दिया है। 20 सितंबर को हूतियों ने रियाद को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक रियाद की ओर आने वाली मिसाइल को रोक दिया गया। इसके अलावा बिश, ताइफ, फरासन और यनबू में भी नागरिक आबादी और अहम ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। रियाद एयरपोर्ट के आसपास धमाके और धुएं की तस्वीरें भी सामने आईं। सऊदी अधिकारियों ने हमलों के बाद सुरक्षा चेतावनियां जारी कीं और बाद में स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी। 

हूतियों के हमलों का दायरा सिर्फ एक-दो शहरों तक सीमित नहीं है। सऊदी गठबंधन ने इससे पहले भी खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की जानकारी दी थी। 14 सितंबर के हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने और कई घरों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात सऊदी गठबंधन ने कही थी। यानी अब हमलों की चुनौती सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों से आगे बढ़कर देश के महत्वपूर्ण शहरी और आर्थिक केंद्रों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। 

इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग फिलहाल सऊदी अरब के लिए लेवल-3 यानी ‘यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की सलाह दे रहा है। चेतावनी में मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष का खतरा भी बताया गया है। अमेरिकी नागरिकों से स्थानीय मीडिया और सरकारी घोषणाओं पर नजर रखने, फोन चार्ज रखने और हवाई हमले की स्थिति में खिड़कियों तथा कांच के दरवाजों से दूर रहने को कहा गया है। संभावित उड़ान रद्द होने और हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी स्थिति के लिए भी तैयार रहने की सलाह दी गई है। 

लेकिन सऊदी अरब पर हमलों के बीच तनाव सिर्फ यमन और रियाद तक सीमित नहीं है। ईरान ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों को नई चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य केंद्रीय कमान ने कहा है कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी कोई नया बड़ा हमला करते हैं, तो ईरान अमेरिकी ठिकानों और हितों के खिलाफ लगातार जवाबी कार्रवाई करेगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ किसी संभावित सैन्य कार्रवाई में सहयोग करने वाले क्षेत्रीय देशों को भी संघर्ष का पक्ष माना जा सकता है। हालांकि, ईरान ने उस कथित नए हमले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की, जिसकी तैयारी का उसने दावा किया है। 

उधर, कतर ने रियाद पर हूती बैलिस्टिक मिसाइल हमले और बिश, ताइफ, फरासन तथा यनबू में नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और रियाद के साथ एकजुटता जताई है। कतर ने यह भी कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा पूरे खाड़ी क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है।

यानी एक तरफ यमन के हूती सऊदी अरब पर हमले बढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ ईरान किसी नए अमेरिकी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है और अमेरिका अपने नागरिकों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंध बढ़ा रहा है। ऐसे में सवाल सिर्फ सऊदी अरब की सुरक्षा का नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष के और फैलने की आशंका का है।

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