चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) और मिस्र की वायुसेना के बीच आयोजित ‘Eagles of Civilization 2026’ संयुक्त हवाई अभ्यास ने सैन्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। इस अभ्यास की खास बात यह है कि चीनी J-16 फाइटर जेट्स ने मिस्र के Rafale लड़ाकू विमानों के साथ हवाई युद्धाभ्यास किया। मिस्र में आयोजित इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के पायलटों को एक-दूसरे के लड़ाकू विमानों की क्षमताओं, संचालन प्रक्रियाओं और हवाई युद्ध की रणनीतियों को करीब से समझने का अवसर मिला। भारत के लिए इस अभ्यास की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि भारतीय वायुसेना भी Rafale लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करती है। ऐसे में चीनी पायलटों को Rafale जैसे विमान के खिलाफ प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष अनुभव मिलना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीसीटीवी न्यूज के अनुसार, अभ्यास के पहले चरण में अलग-अलग लड़ाकू विमानों के बीच वन-ऑन-वन एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग पर ध्यान दिया गया। इस दौरान चीनी और मिस्र के पायलटों ने अपने-अपने विमानों की क्षमताओं और संचालन संबंधी अनुभव साझा किए। अभ्यास केवल हवाई मुकाबले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों की वायुसेनाओं ने उड़ान सुरक्षा नियमों, एयरस्पेस प्रबंधन, टेक-ऑफ और लैंडिंग प्रक्रियाओं तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली कार्रवाई पर भी चर्चा की। इस तरह का प्रशिक्षण दोनों देशों के पायलटों के बीच आपसी तालमेल और संयुक्त अभियानों की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
PLAAF के मुताबिक, अभ्यास को धीरे-धीरे और अधिक जटिल बनाया जाएगा। शुरुआती वन-ऑन-वन मुकाबलों के बाद पायलट टू-ऑन-टू एयर कॉम्बैट का अभ्यास करेंगे और आगे चलकर बड़े तथा जटिल संयुक्त हवाई अभियानों की ट्रेनिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमानों और पायलटों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। चीन के लिए यह अभ्यास इसलिए भी अहम है क्योंकि उसे Rafale जैसे पश्चिमी डिजाइन वाले आधुनिक लड़ाकू विमान के खिलाफ वास्तविक प्रशिक्षण अनुभव मिल रहा है।
भारत के नजरिए से देखें तो यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय वायुसेना के बेड़े में Rafale एक प्रमुख मल्टीरोल फाइटर है। हालांकि मिस्र के Rafale और भारतीय Rafale के कॉन्फिगरेशन, हथियारों और मिशन प्रोफाइल में अंतर हो सकता है, फिर भी समान विमान के साथ अभ्यास चीन को कुछ उपयोगी परिचालन अनुभव दे सकता है। इसी वजह से Eagles of Civilization 2026 को भारत के रणनीतिक और रक्षा विश्लेषकों द्वारा करीब से देखा जा रहा है।