प्रदेश स्तरीय कृषक गोष्ठी में गन्ना आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 90 हजार हेक्टेयर में गन्ने का उत्पादन हुआ था। इस बार दो हजार हेक्टेयर बुवाई में कमी आई है। किसान गन्ने की फसल को अधिक से अधिक लगाएं। गन्ना विभाग किसानों को अच्छे से अच्छा बीज उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र में बृहस्पतिवार को गोष्ठी की अध्यक्षता गन्ना सलाहकार समिति उत्तराखंड के सह अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने की। उन्होंने कहा कि किसानों को सही समय पर बीज, खाद उपलब्ध करवाना सुपरवाइजर व अधिकारियों का काम है। किसानों को अच्छे बीज और खाद उपलब्ध कराएं, ताकि गन्ने की पैदावार अच्छी हो। अगर कोई वेरायटी खराब होती है, तो उन्हें तुरंत नई किस्म उपलब्ध कराएं। किसानों से लगातार संवाद होना चाहिए। सभी गन्ना कृषक उत्तम प्रजाति के गन्ने की बुवाई करें, जिससे चीनी परता में सुधार हो। गन्ना आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने कहा कि सर्वे का कार्य शुरू हो चुका है। किसानों की समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। गन्ना मिलों का लगभग भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम आज भी किसानों को अच्छा बीज उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे किसान हतोत्साहित हो रहे हैं। विभाग किसानों को अच्छे से अच्छा बीज उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने पेड़ी प्रबंधन पर जानकारी दी। पंतनगर विश्वविद्यालय के डॉ. आनंद सिंह जीना ने गन्ने की नई प्रजातियों के बारे में बताया। डॉ. रवि मौर्य ने विभिन्न प्रकार के कीटों और उनसे लगने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी।