स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयास के बाद भी कुष्ठ रोग पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। आसपास के क्षेत्रों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में 11 रोगियों को दवा खिलाई जा रही है। भारत सरकार कुष्ठ रोग पर नियंत्रण पाने को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम चला रही है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग को नियंत्रित कर उसका उन्मूलन करना है। यह कार्यक्रम कुष्ठ रोग की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन करता है। इसके तहत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क उपचार उपलब्ध है। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में इस कार्यक्रम को सुपरवाइजर पीसी सनवाल वर्ष 2019 से देख रहे हैं। उस समय यहां तीन रोगी पंजीकृत थे। वर्तमान में 11 मरीज दवा खा रहे हैं। शहर का तो इक्का दुक्का मरीज है, जबकि सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्र के मरीज शामिल है। दो दिन पहले ही तीन नए मरीज पाए गए हैं। अस्पताल से दवा देकर इलाज शुरू कर दिया है। वर्तमान में 11 कुष्ठ रोगी दवा खा रहे हैं। करीब एक साल तक दवा खानी होती है। इस रोग को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय मल्टी-ड्रग थेरेपी एमडीटी) का उपयोग करना, जो एक एंटीबायोटिक दवाओं का संयोजन है। साथ ही रोग का जल्दी पता लगाकर उपचार शुरू करना भी बहुत महत्वपूर्ण है ताकि विकलांगता को रोका जा सके।