आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को खटीमा कोतवाली में आयोजित में जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने खटीमा में बढ़ रहे नशे के कारोबार की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि नशे के दलदल में फंसकर युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इसके अलावा जनता दरबार में महिला उत्पीड़न, ट्रैफिक जाम, जमीन के अवैध कब्जों, पुलिस जांच बरती जा रही लापरवाही के मामले सामने आए। जनता दरबार में जनप्रतिनिधियों और जनता ने नौगवांठग्गू, नानकमत्ता, बिसौटा, झनकट आदि क्षेत्रों में फल फूल रहे नशे के कारोबार की शिकायत की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवा नशे के चंगुल में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। नानकत्ता क्षेत्र से टनकपुर, चंपावत और नेपाल के लिए स्मैक और चरस की तस्करी हो रही है। आईजी अग्रवाल ने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी को समाज के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड मुख्यमंत्री का सपना है और इसे साकार करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा नशे की सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पंजाब की तरह नशे को नहीं फैलने दिया जाएगा। जनता दरबार में मेलाघाट रेलवे फाटक के पास अस्थाई डिवाइडर न होने और निजी बसों के खड़े होने के कारण जाम लगने की समस्या को उठाया। इसके अलावा खटीमा चौराहे के पास जाम की समस्या और गोटिया में अतिक्रमण सड़कें संकरी होने की समस्या को उठाया गया। साथ ही कॉलेज-स्कूलों की छुट्टी के समय नाबालिगों व युवाओं के मोडिफाइड बाइक चलाने से आ रही समस्या की शिकायत पर आईजी ने कहा कि विशेष अभियान चलाकार वाहनों को सीज किया जाएगा। जनता दरबार में महिला उत्पीड़न और दहेज के लिए मारपीट के कई मामले सामने आए। जिस पर आईजी ने कहा कि विवेचक और महिला हेल्पलाइन प्रभारी न केवल मुकदमे की पैरवी करें बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि पीड़िता को भरण-पोषण का अधिकार मिले और न्यायालय में उसका मामला मजबूती से रखा जाए। साथ ही सैनिक सम्मेलन में पुलिस कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आईजी ने संबंधित अधिकारियों को उनके निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस कर्मियों को अपने-अपने बीट क्षेत्र में विजिबल रहकर स्मार्ट पुलिसिंग करने व जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने हेतु प्रेरित किया। सभी थानों को आवंटित बीट बुक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। पुलिस कर्मियों का मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें जिम्मेदारी वाले कार्यों में अवसर देने और प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।वहां पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एसपी क्राइम निहारिका तोमर, एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी, सीओ खटीमा विमल रावत आदि थे।