रुद्रपुर में पिछले 18 दिन से विभिन्न मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले कार्य बहिष्कार कर रहे सरकारी निर्माण एजेंसियों के इंजीनियरों ने एसआईआर और जनगणना के कार्य न करने का ऐलान किया है। सारे विकास कार्य ठप करने की चेतावनी दी है। जिला मुख्यालय के सिंचाई विभाग के परिसर में 27 सूत्रीय मांगों को लेकर अभियंताओं ने धरना देने के साथ ही नारेबाजी की। इंजीनियर केशव लाल की अध्यक्षता, इंजीनियर प्रकाश चंद्र पंत के संचालन में हुई सभा में महासंघ की संघर्ष समिति के शाखाध्यक्ष पंचदेव आनंद ने कहा कि वेतन विसंगति दूर करने, 10 वर्ष की सेवा पर एसीपी, एमएसीपी का लाभ देने, पुरानी पेंशन बहाल करने, पदोन्नति के अवसर बढ़ाने, कनिष्ठ अभियंताओं के ग्रेड पे में सुधार करने, एक जनवरी 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर लेवल 10 का वेतनमान देने, विभागों का पुनर्गठन करने आदि मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। महासंघ की अनुशासन समिति के शाखाध्यक्ष इंद्र सिंह चिल्वाल ने कहा कि सरकार हठधर्मिता पर उतर आई है। हड़ताल के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मांगें नहीं मानी गई तो सारे विकास कार्य ठप कर दिए जाएंगे। महासंघ के जिला सचिव हरपाल सिंह ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व ने एसआईआर और जनगणना के कार्य न करने का निर्णय लिया है। धरने में इंजीनियर वीके सनवाल, विजयपाल सिंह, गजेंद्र पाल, योगेश ततराड़ी, आरएस मेहरा, ओमवीर सिंह, बेगराज सिंह, रईस अहमद, एलएस बिष्ट आदि बैठे।