उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी का कहना है कि सरकार यथाशीघ्र प्रदेश में ज्वलंत मामलों का निस्तारण के लिए विशेष सत्र बुलाए। सरकार की ओर से 20 सूत्रीय मांग के तहत वनवासियों को दूसरी जगह बैठाया गया। उन वनवासियों को आज अतिक्रमणकारी बताकर उजाड़ रही है। भू अधिकार न होने पर उन्हें अतिक्रमणकारी कह रही है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार जब बीएनएस की नई धारा लागू करने के लिए विशेष सत्र बुला सकती है तो उत्तराखंड के ज्वलंत मामलों के लिए क्यों नहीं। कापड़ी का कहना है कि सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में जितनी देरी करेगी उतने साक्ष्य से छेड़छाड़ होगी। सरकार को इस मामले में शीघ्र सीबीआई जांच करानी चाहिए। प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बेटियां सुरक्षित नहीं है।