पूर्व विधायक के बयान से काशीपुर में घमासान मचा हुआ है। मेयर के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें घेरना शुरू कर दिया है। वहीं पार्षद भी उनके विरोध में उतर आए हैं। ऐसे में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ पूर्व विधायक के समर्थन में पार्टी के सदस्य हैं, तो दूसरी ओर मेयर के समर्थन में जनता और पार्षद नजर आ रहे हैं। पार्षदों ने पूर्व विधायक पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगता है शहर का विकास उन्हें हजम नहीं हो रहा। नगर निगम सभागार में बृहस्पतिवार को पार्षदों ने एकत्र होकर पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा के बयान का विरोध किया। पार्षदों ने कहा कि उन्होंने खुद तो अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में कुछ किया नहीं और अब जब रुकी हुई विकास की गाड़ी को दीपक बाली तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं तो यह पूर्व विधायक को नागवार लग रहा है। सभागार में पार्षद सतीश शर्मा, पुष्कर बिष्ट, अनिता कांबोज, अंजना, गुंजन प्रजापति वैशाली गुप्ता, मोहम्मद मोनीष आशी, संदीप सिंह मोनू, अनिल कुमार, पार्षद पति प्रकाश नेगी आदि ने कहा कि 100 दिन में 63 करोड़ रुपये के काम चालू करा कर उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है। हर वार्ड में करोड़ों रुपये की लागत से सड़कें बन रही हैं। गैबिया और गूल की तली झाड़ सफाई हो रही है। विकास कार्यों के चलते पार्षदों को भी जनता का भरपूर स्नेह और सम्मान मिल रहा है। दीपक बाली की कार्य प्रणाली बिल्कुल पारदर्शी है। चौराहों का नाम बदलने के लिए सामाजिक संस्थाओं ने मांग की थी और उन्हीं के आधार पर चौराहों के नाम बदलने और सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर समूचे बोर्ड ने चर्चा कर सहमति जताई थी। पूर्व विधायक जो भी बयान बाजी कर रहे हैं वह पूरी तरह से अनर्गल है। उन्हें सभी पार्षदों और मेयर की पीठ थपथपाकर हौसला बढ़ाना चाहिए। वहां पर पार्षद बीना नेगी, अनीता कांबोज, दीपा पाठक, अंजना, सुरेश सैनी, पुष्कर बिष्ट, वैशाली गुप्ता, संजय शर्मा, घनश्याम सैनी, अनूप सिंह, सीमा सागर, प्रिंस बाली, मयंक मेहता, गुंजन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में पार्षद मौजूद रहे।