उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच से जुड़े लोगों ने कथित देवभूमि परिवार पहचान कानून के विरोध में बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि जनता और राजनीतिक दलों को विश्वास में लिए बिना यह कानून पारित किया गया है, जिससे 15 वर्ष से प्रदेश में निवासरत बाहरी लोगों को 'देवभूमि परिवार पहचान आईडी' का अधिकार मिल जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार से कानून को शीघ्र समाप्त करने की मांग करते हुए स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा की बात कही। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा गया।