2013 की आपदा के दौरान जीवनरेखा बना मयाली–गुप्तकाशी मोटरमार्ग आज भी बदहाल स्थिति में है। मार्ग पर कई मिसिंग लिंक अब तक नहीं जुड़ पाए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी, अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है। यह बात उत्तराखंड क्रांति दल ने तिलवाड़ा में स्थित होटल इंद्रलोक में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने जनपद से जुड़े ज्वलंत जनमुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रेसवार्ता में जंगली जानवरों, विशेषकर गुलदार और भालू के बढ़ते हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद सहित पहाड़ी क्षेत्र भय के साये में जी रहा है। इस वर्ष अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल मुआवजा बढ़ाना समाधान नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। यूकेडी नेताओं ने वसुकेदार क्षेत्र में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति को धन की बर्बादी बताते हुए कहा कि यदि यही राशि स्थायी पेयजल लाइनों की मरम्मत में लगाई जाती तो समस्या का स्थायी समाधान संभव था। राशन कार्ड में केवाईसी प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई गई। दल ने कहा कि रोजगार के लिए बाहर गए युवाओं को केवाईसी के लिए बार-बार गांव बुलाना अव्यावहारिक है।