केदारनाथ यात्रा इस वर्ष न केवल आस्था के नए रिकॉर्ड बना रही है, बल्कि केदार घाटी की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा दे रही है। 8 जून तक 11 लाख 58 हजार 395 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। रिकॉर्ड यात्री संख्या का सीधा असर स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं और पर्यटन गतिविधियों पर देखने को मिल रहा है। यात्रा मार्ग पर स्थित गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, गौरीकुंड, अगस्त्यमुनि और आसपास के बाजारों में इन दिनों अच्छी रौनक है। होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालन, घोड़ा-खच्चर व्यवसाय और छोटे कारोबारियों की आय में बढ़ोतरी हुई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बार यात्रा सीजन ने क्षेत्र के कारोबार को बड़ा सहारा दिया है। अगस्त्यमुनि व्यापार मंडल के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी ने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को व्यापक आर्थिक लाभ मिला है। वहीं होटल व्यवसायी ऋषभ नौटियाल का कहना है कि बड़ी संख्या में यात्रियों के आने से होटल कारोबार में अच्छा उछाल देखने को मिला है। गौरीकुंड व्यापार सभा के अध्यक्ष रामचंद्र गोस्वामी ने बताया कि यात्रा का लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में भी मिला है। घोड़ा-खच्चर संचालन, परिवहन, होटल और अन्य व्यवसायों से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि हुई है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी है, इस यात्रा से हजारों परिवारों की आजीविका को संबल मिला है।