दिसंबर का पहला सप्ताह बीत गया है, पर केदारनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाली पहाड़ियां बर्फविहीन बनी हुई हैं। हिमालय की चोटियों में भी नाममात्र की बर्फ है, जिसे जानकार भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इस वर्ष सितंबर के बाद से केदारनाथ में न तो बारिश हुई और न बर्फबारी। केदारनाथ पुनर्निर्माण से जुड़े सेवानिवृत्त सूबेदार मनोज सेमवाल, सोवन सिंह बिष्ट का कहना है दस वर्षों से वह शीतकाल में भी धाम में रह रहे हैं। यह पहला मौका है, जब दिसंबर का पहला सप्ताह भी केदारनाथ में बिना बर्फबारी के रहा है। वहीं एचएनबी केंद्रीय विवि श्रीनगर के उच्च शिखरीय पादप शोध संस्थान के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि मौसम चक्र में हो रहा बदलाव ठीक नहीं है। बर्फबारी नहीं होने से ग्लेशियरों को नई बर्फ नहीं मिल रही है, जिससे फरवरी से ही ग्लेशियर पिघलने लगेंगे, जो गंभीर समस्या बनेंगे।