इस वर्ष नौ जुलाई को केदारनाथ विधानसभा की विधायक शैलारानी रावत के निधन से यह सीट खाली हो गई थी। 20 नवंबर को इस सीट पर उपचुनाव हुए। 90 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मैदान में उतरे छह प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कुछ ही देर में होगा। फिलहाल शुरुआती रुझानों में भाजपा प्रत्याशी को बढ़त है। चौथे राउंड की मतगणना में कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई है।