बसंतोत्सव की भजन संध्या में शामिल होने आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयुर्वेद और आध्यात्म के क्षेत्र में गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल में एक-एक स्प्युचल जाने बनाए जाएंगे। सांस्कृतिक विरासत को संगठित दिलाई जा रही वैश्विक पहचान दी दिलाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश में भरतजी ने भगवान नारायण की स्थापना कर इसका पूजन किया था। आदि गुरु शंकराचार्य ने भी इस धरती पर विशेष पूजन किया था। उन्होंने कहा कि मैथिल ठाकुर भारतीय संस्कृति मिथिला को देश विदेश तक पहुंचा रही है। यह भारत के युवाओं के भी संदेश है। हमारी सनातन धर्म ध्वजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे विश्व में शान से लहरा रही है। अयोध्या में लंबी प्रतीक्षा के बाद राम मंदिर बना। इस मंदिर के लिए भी हमने बड़ा संघर्ष किया। काशी विश्वानाथ कॉरिडोर का बनना हो या फिर 2013 की आपदा से केदारनाथ में जो क्षति हुई थी उसे फिर से भव्य और दिव्य बनाया जा रहा है। बदरीनाथ धाम में भी मास्टर प्लान के तहत काम हो रहा है। केदारखंड और मानसखंड से मंदिरों का जीर्णोद्धार, पुनरोद्धार किया जा रहा है। हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थस्थल के पुनरोद्धार को लेकर या फिर हरिद्वार ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक परियोजनाओं के माध्यम से देवभूमि का सांस्कृतिक महत्व स्थापित किया जा रहा है। देहरादून के दून विश्व विद्यालय में भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है। जो आने वाली पीढ़ी को बौद्धिक और सांस्कृतिक रूप से बनाया गया है। 2022 में समान नागरिक संहिता बनाने को जो बचन दिया था उसे 27 जनवरी को एक साल पूरा हो गया है। भ्रष्टाचार पर कठोर वार किया जा रहा है। इस अवसर पर महंत वत्सल शर्मा, रवि प्रपन्नाचार्य, मेयर शंभू पासवान, प्रतीक कालिया, वीरेंद्र सजवाण आदि उपस्थित रहे। गढ़वाली गीतों पर झूमे लोग बसंतोत्सव के तहत श्रीभरत मंदिर पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें लोक गायिका मैथली ठाकुर ने गढ़वाली गीत गाए। इस दौरान गढ़वाली गीतों पर श्रोता जमकर थिरकते नजर आए। मैथली ठाकुर ने सर्वप्रथम खोली का गणेशा, दैणा होइयां पंचनाम देवता गीत गाया। इसके बाद उन्होंने बेडू पाको बारामास गीत गाया। उनके गीतों पर श्रोता जमकर थिरकते नजर आए।