नीर वाॅटर फॉल पहुंचने के लिए पर्यटकों को हाईवे से वॉटर फॉल तक दो किलोमीटर आगे पहुंचने के लिए गड्ढ़ों में सड़क ढ़ूढनी पड़ रही है। सड़क के पुश्ते टूटे, ऊपर की ओर से मलबा साफ न किए जाने सुरक्षा के लिए सड़क किनारे बैरिकेडिंग न होने से पर्यटक जान जोखिम में डालकर वॉटर फॉल पहुंच रहे हैं। बदरीनाथ हाईवे से नीर झरने की ओर जाने वाली 12 किलोमीटर रोड की हालत जर्जर है। 2012 लोनिवि से यह सड़क पीएमजीएसवाई नरेंद्रनगर के सुपुर्द हुई थी। तब पीएमजीएसवाई नरेंद्रनगर की ओर से इस सड़क पर डामर बिछाने के साथ ही इस सड़क के टूटे पुश्ते लगाए थे। 2017 से रोड़ की सुध नहीं ली गई। पिछले साल 2025 में यह रोड पीएमजीएसवाई से लोनिवि नरेंद्रनगर के सुपुर्द हुई। उसके बाद लोनिवि ने इसकी सुध नहीं ली। बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नीरगड्डू गदेरे से करीब 500 मीटर दूरी पर नीर वॉटर फाॅल विकास समिति के टिकट घर तक दो पुश्ते टूटे पड़े हैं। सड़के किनारे बरसात रोड कटाव हुआ था उसका भी भरान नहीं हुआ। टिकट घर से आगे यहां पर मोड़ पर मलबा पड़ा है। पुश्ते टूटे हैं। कई स्थानाें बरसात में सड़क पर पड़े मलबे को हटाया नहीं गया। इससे कई स्थानों पर सड़क संकरी हो गई। सड़क किनारे लोहे के बैरिकेडिंग नहीं हैं। सड़क किनारे मील पत्थर भी गायब हैं। यह रोड नीर वाॅटर फॉल, क्यार्की गांव, कुई, कसेट होते हुए नीर गांव पहुंचती है। सड़क पर डामर उखड़ने के बाद बजरी ही बजरी नजर आती है। स्थानीय निवासी त्रिलोक रावत, मुकेश कैंतुरा, विकास कैंतुरा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से इस रोड की सुध न लिए जाने पर्यटकों को परेशानी हो रही है। सड़क स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों को कई ज्ञापन दिए कार्रवाई नहीं हुई।