अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बताया कि आश्रम की ओर से बीते 36 वर्षों से महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में योग, आयुर्वेद, आहार-विहार, प्राणायाम, गंगा आरती, दिव्य यज्ञ, ध्यान, पूज्य संतों के उपदेश, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही है। कहा कि योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे जीवन के हर पहलू में लागू किया जाए। योग, आयुर्वेद, आहार-विहार, ध्यान और प्राचीन भारतीय परंपराओं के माध्यम से हम न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ हो सकते हैं, बल्कि मानसिक शांति और आंतरिक सुख भी प्राप्त कर सकते हैं। यह आयोजन न केवल योग जिज्ञासुओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा, बल्कि एक दिव्य अनुभव का अवसर भी प्रदान करेगा।