पिथौरागढ़ में बिण विकासखंड के प्रधानों ने जिला योजना में ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव शामिल करने, आपदा मद से राहत कार्य कराए जाने का अधिकार देने की मांग पर डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता के हितों को लेकर इन मांगों पर गौर किया जाना आवश्यक है। संगठन के अध्यक्ष भरत राम के नेतृत्व में बिण विकासखंड के ग्राम प्रधान मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम आशीष कुमार भटगाईं को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि जिला योजना के तहत स्वीकृत होने वाले विकास कार्यों में ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। ऐसे में गांव का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमांत जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। आपदा के समय ग्राम पंचायत को सीधे आपदा मद से राहत कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो आपदा प्रभावितों को बगैर देरी के राहत पहुंचाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि 15 वें वित्त की धनराशि सरकारी खातों में डंप है। प्रशासनिक बाधाओं के चलते इस धनराशि का उपयोग विकास कार्यों में नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शीघ्र यह धनराशि विकास कार्यों में खर्च करने की मांग की। वहीं प्रधानों ने मनरेगा योजना के तहत हाजरी के लिए फेस मैपिंग की जगह इसे ऑफलाइन करने को कहा। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में सूरज थापा, ऊषा तिवारी, आशा देवी, भावना भट्ट, दीपक कुमार, योगेश भट्ट, देवराज सिंह, जगदीश चंद, रवि ज्याला, सुनील कुमार सहित कई ग्राम प्रधान मौजूद रहे।