फायर सीजन शुरू हो चुका है और वन विभाग जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के दावे कर रहा है। बाकायदा वन सरपंचों को आग बुझाने की जिम्मेदारी दी गई है। हैरानी है कि इन्हें न तो आर्थिक सहायता दी गई और ना ही सुरक्षा उपकरण। सिर्फ एक रेक, एक जोड़ी जूते देकर औपचारिकता निभा दी गई है। फायर प्रुफ सूट के बगैर ये जंगलों के साथ ही खुद को आग से कैसे बचाएंगे इसे पूरी तरह भुला दिया गया है। ऐसे में वन सरपंचों ने वन विभाग के मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया।